गैर-सरकारी संगठन 'बिलादी' और 'ब्लू शील्ड' नई तकनीकों का उपयोग करके सांस्कृतिक विरासत का विस्तृत रिकॉर्ड बना रहे हैं। इन संगठनों का लक्ष्य संघर्ष के बाद पुनर्निर्माण में सहायता करना है। हाल ही में, ७०० साल पुराने गाँवों को नष्ट करने की घटना सामने आई है, जिसके पीछे लोगों को उनकी जड़ों से उखाड़ने का आरोप है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह गाँवों का विध्वंस इतिहास को मिटाने का एक जानबूझकर किया गया प्रयास है। इन संगठनों द्वारा किए जा रहे दस्तावेजीकरण से नष्ट हुई सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने में मदद मिलेगी। पुनर्निर्माण प्रयासों में यह रिकॉर्ड महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यह पहल सांस्कृतिक विरासत के महत्व को रेखांकित करती है और इसके संरक्षण की आवश्यकता पर जोर देती है।