प्रसिद्ध इतिहासकार नॉर्मन डेविस ने वोलिन में हुए नरसंहार को नरसंहार की श्रेणी में रखा है, लेकिन इस विषय पर सावधानी से बात करने की आवश्यकता जताई है। उन्होंने ओनेट न्यूज़ के साथ बातचीत में कहा कि वोलिन नरसंहार और यूक्रेनी विद्रोही सेना (UPA) की भूमिका पर सटीक चर्चा महत्वपूर्ण है। डेविस का मानना है कि इस विवाद का पोलैंड और यूक्रेन के बीच संबंधों पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने इस मामले में सावधानी बरतने और सटीक जानकारी देने पर जोर दिया। उनका कहना है कि इस घटना पर खुलकर और जिम्मेदारी से बात करना आवश्यक है ताकि भविष्य में गलतफहमी से बचा जा सके। इस नरसंहार की चर्चा दोनों देशों के बीच संबंधों को और जटिल बना सकती है, इसलिए डेविस ने सावधानीपूर्वक दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी है। यह विवाद पोलैंड के लिए महंगा साबित हो सकता है।