मक्का में, 18 जून 2026 को भोर में, श्रद्धालु जबाले नूर पर्वत की ओर चढ़ाई कर रहे थे। यह यात्रा गुफा-ए-हिरा तक ले जाती है, जो पैगंबर मुहम्मद के जीवन का एक महत्वपूर्ण स्थल है। माना जाता है कि यहीं पर उन्हें पहली बार दिव्य संदेश प्राप्त हुआ था। यह गुफा पैगंबर मुहम्मद और उनकी पत्नी खदीजा के अटूट प्रेम और समर्थन का भी प्रतीक है, जिन्होंने शुरुआती दौर में उनका साथ दिया था। सुबह की ताज़ी हवा के बीच, तीर्थयात्री इस ऐतिहासिक गुफा में बिताए गए पलों को याद करते हैं। गुफा-ए-हिरा इस्लाम के शुरुआती इतिहास और पैगंबर मुहम्मद के जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं को दर्शाती है। यह स्थान विश्वासियों के लिए श्रद्धा और प्रेरणा का केंद्र है।
