नीदरलैंड में किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार, दस में से आठ से अधिक लोगों का मानना है कि डच सरकार की धूम्रपान विरोधी नीति तब तक बेकार है जब तक यूरोपीय संघ स्तर पर तंबाकू करों को लेकर कोई समझौता नहीं हो जाता। पाठकों का तर्क है कि उच्च कर धूम्रपान करने वालों को अवैध बाजारों की ओर धकेल रहे हैं, जिससे आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है। उनका मानना है कि जब तक पूरे यूरोप में करों का एक समान स्तर नहीं होगा, डच नीतियां प्रभावी नहीं हो सकतीं। इस स्थिति के कारण, लोग सस्ते तंबाकू की तलाश में अपराध का सहारा ले सकते हैं। सर्वेक्षण में भाग लेने वालों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि डच सरकार को यूरोपीय संघ के साथ मिलकर काम करना चाहिए ताकि एक सुसंगत नीति बनाई जा सके जो अपराध को कम करे और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करे। यह कदम अवैध तंबाकू व्यापार को रोकने और धूम्रपान करने वालों को कानूनी विकल्पों की ओर मोड़ने में मदद कर सकता है।