कलकत्ता उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय बैंक के चार ग्राहकों को उनकी जमा राशि निकालने की अनुमति देने के निर्देश पर सवाल उठाया है। न्यायालय ने सरकार से यह स्पष्ट करने के लिए कहा है कि क्यों निष्क्रियता को गैरकानूनी घोषित नहीं किया जाना चाहिए। याचिकाकर्ताओं ने अपने-अपने बैंक खातों में जमा राशि निकालने की अनुमति देने का अनुरोध किया था। न्यायालय ने जानना चाहा कि इस निष्क्रियता का कोई कानूनी आधार है या नहीं। यह मामला पश्चिम बंगाल राज्य के वित्तीय परिदृश्य और ग्राहकों के अधिकारों से जुड़ा है। अदालत इस मामले में आगे की सुनवाई करेगी और सभी पक्षों की दलीलें सुनेगी। इस मामले का निर्णय राष्ट्रीय बैंक और इसके ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण होगा।