अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अधीन लागू की गई शरणार्थी प्रक्रिया से संबंधित एक मामले में ट्रंप के पक्ष में फैसला सुनाया है। यह निर्णय, शरणार्थियों के दावों की त्वरित समीक्षा करने के अधिकार को सीमित करता है। अदालत ने माना कि प्रशासन के पास उन शरणार्थियों के दावों को खारिज करने का अधिकार है जिन्होंने पारगमन देशों में शरण नहीं मांगी। यह फैसला उन शरणार्थियों पर असर डालेगा जो अमेरिका में प्रवेश करने से पहले अन्य देशों से होकर आते हैं। बाइडेन प्रशासन ने इस फैसले को निराशाजनक बताया है, लेकिन अदालत के फैसले का पालन करने की बात कही है। आलोचकों का कहना है कि इस फैसले से वास्तविक शरणार्थियों को सुरक्षा मिलने में बाधा आएगी। इस मामले में कानूनी लड़ाई कई वर्षों से चल रही थी।