हिज़्बुल्लाह के प्रमुख, नाएम कासीम ने अमेरिका समर्थित इजराइल-लेबनान समझौते को ‘अवैध, अपमानजनक’ बताकर खारिज कर दिया है। उन्होंने लेबनानी सेना द्वारा आतंकवादी बुनियादी ढांचे को ध्वस्त करने के लिए स्थापित ‘पायलट क्षेत्रों’ की भी आलोचना की। कासीम ने स्पष्ट रूप से कहा कि हिज़्बुल्लाह किसी भी समझौते के लिए ‘आत्मसमर्पण’ नहीं करेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब इजराइल और लेबनान के बीच लंबे समय से चले आ रहे समुद्री सीमा विवाद को सुलझाने के प्रयास जारी हैं। कासीम ने समझौते को लेबनान की संप्रभुता के खिलाफ बताया और इसे अस्वीकार्य बताया। इस अस्वीकृति से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका है, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। हिज़्बुल्लाह का रुख दर्शाता है कि समझौते पर सहमति अभी भी एक कठिन चुनौती बनी हुई है।