हिज़्बुल्लाह के महासचिव नाएम कासीम ने शुक्रवार को कहा कि लेबनान सरकार ने इज़राइल के साथ सीधी बातचीत में प्रवेश करके एक “अभिमानजनक नहीं” रास्ता चुना है। कासीम ने जोर देकर कहा कि लेबनान सरकार की इस पहल से देश का कोई लाभ नहीं होगा। उन्होंने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि बातचीत से लेबनान की गरिमा को ठेस पहुँचेगी। हिज़्बुल्लाह इस बातचीत का विरोध करता है और इसे लेबनान के हितों के खिलाफ मानता है। कासीम ने आगे कहा कि हिज़्बुल्लाह लेबनान की रक्षा करने और उसके अधिकारों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह बयान लेबनान और इज़राइल के बीच चल रहे समुद्री सीमा विवाद के संदर्भ में आया है, जिसके समाधान के लिए ये बातचीत हो रही है। हिज़्बुल्लाह का मानना है कि सरकार को इस मामले में अधिक दृढ़ रुख अपनाना चाहिए था।