हिजबुल्लाह ने एक आधिकारिक बयान जारी कर स्विट्जरलैंड में चल रही वार्ताओं पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। संगठन का दावा है कि लेबनान की इन चर्चाओं में भागीदारी इजरायल के खिलाफ प्रतिरोध को कमजोर कर सकती है। हिजबुल्लाह के अनुसार, वाशिंगटन में मौजूद लेबनानी प्रतिनिधिमंडल पर अमेरिकी शर्तों को मानने का दबाव बनाया जा रहा है। उनका मानना है कि ये शर्तें लेबनान की राष्ट्रीय संप्रभुता के विरुद्ध हैं। बयान में चेतावनी दी गई है कि अमेरिकी हस्तक्षेप से देश की स्वायत्तता खतरे में पड़ सकती है। इस प्रकार, हिजबुल्लाह ने इन राजनयिक प्रयासों को लेबनान के हितों के खिलाफ बताया है।