हाल के शोध से पता चलता है कि फिनलैंड की राजधानी क्षेत्र में यूरोपीय संघ के बाहर से आने वाले लोगों के लिए रोजगार प्राप्त करना कठिन हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति फिनलैंड की आर्थिक परिस्थितियों और कार्य-आधारित आप्रवासन की कम संख्या के कारण है। कमजोर अर्थव्यवस्था के कारण कंपनियों ने नई भर्तियां कम कर दी हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है। साथ ही, कार्य वीजा प्राप्त करने की प्रक्रिया भी जटिल है। शोधकर्ताओं के अनुसार, यह प्रवृत्ति आप्रवासियों के एकीकरण में एक बड़ी चुनौती पैदा करती है। इस मुद्दे पर सरकार और नीति निर्माताओं द्वारा ध्यान देने की आवश्यकता है।