अमेरिकी टिप्पणीकार हेगसेथ ने एक गोलमेज बैठक में नाटो सहयोगियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने नाटो के सदस्यों पर पर्याप्त रक्षा खर्च न करने और संयुक्त राज्य अमेरिका पर अत्यधिक निर्भर रहने का आरोप लगाया। हेगसेथ ने नाटो की वर्तमान रणनीति पर भी सवाल उठाए, यह तर्क देते हुए कि यह बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य के लिए अपर्याप्त है। बैठक में, उन्होंने नाटो सहयोगियों से अपनी रक्षा क्षमताओं में निवेश बढ़ाने और अधिक जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया। हेगसेथ की टिप्पणियां नाटो के भीतर बढ़ते तनाव और सदस्य देशों के बीच रणनीतिक मतभेदों को दर्शाती हैं। इस घटनाक्रम से नाटो की एकजुटता और भविष्य की दिशा पर बहस छिड़ सकती है। उनकी आलोचना ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है।
