हाल के दिनों में पड़ रही भीषण गर्मी से पशुधन और मछलियों पर खतरा मंडरा रहा है। किसान अपनी पशुओं को ठंडा रखने के लिए पानी और पंखों का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें वित्तीय नुकसान होने की आशंका है। पशुपालकों का कहना है कि दूध उत्पादन में 25% तक की गिरावट आई है। विशकोव क्षेत्र के मछुआरों ने छोटी मछलियों की मृत्यु दर में वृद्धि देखी है। AgroRisk पोर्टल ने भी गर्मी और सूखे से जुड़े जोखिमों पर प्रकाश डाला है। स्थिति को देखते हुए, किसानों और मछुआरों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। सरकार और संबंधित अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता है।