हाल ही में आई रिपोर्ट के अनुसार, देश में भीषण गर्मी के बावजूद ऊर्जा की खपत में कोई खास वृद्धि नहीं हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अप्रत्याशित है, क्योंकि आमतौर पर गर्मी के मौसम में एयर कंडीशनिंग और कूलिंग उपकरणों के उपयोग से ऊर्जा की मांग बढ़ जाती है। ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, बिजली की मांग में मामूली वृद्धि हुई है, लेकिन यह सामान्य रुझान से कम है। इस स्थिरता के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं, जिनमें ऊर्जा दक्षता में सुधार, नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का बढ़ता उपयोग और उपभोक्ताओं द्वारा ऊर्जा संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता शामिल है। कुछ विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि आर्थिक मंदी के कारण औद्योगिक गतिविधियों में कमी ने भी ऊर्जा की मांग को कम रखने में योगदान दिया है। सरकार ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए स्थिति पर कड़ी निगरानी रख रही है। आगे आने वाले हफ्तों में स्थिति का मूल्यांकन किया जाएगा।
