भीषण गर्मी के कारण स्कूलों में बच्चों के लिए उचित व्यवस्थाओं की कमी को लेकर अभिभावक आक्रोशित हैं। अभिभावकों का कहना है कि उन्हें गर्मी की लहर के दौरान अपने बच्चों की देखभाल के लिए अचानक व्यवस्था करनी पड़ी, जिसमें घर से काम करना, छुट्टियां लेना या अन्य वयस्कों से मदद लेना शामिल है। वे सरकार की तैयारियों की कमी पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं और भविष्य में ऐसी स्थिति आने पर और अधिक चुनौतियों की आशंका जता रहे हैं। कक्षाओं में बच्चों के लिए स्थिति बिगड़ रही है और अभिभावक सरकार से तत्काल कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। उनका मानना है कि स्कूलों में गर्मी से बचाव के लिए कोई स्पष्ट दिशानिर्देश नहीं हैं। अभिभावकों ने इस मुद्दे पर सरकार की उदासीनता पर निराशा व्यक्त की है।