संसद के अध्यक्षों की बैठक के दौरान तीखी बहस हुई, जिसमें ज़ोई कुस्तांत्सोपुलोऊ ने जॉर्ज जियोर्जंता और डोरा बाकोयानी पर कड़ा प्रहार किया। कुस्तांत्सोपुलोऊ ने जियोर्जंता पर गंभीर आरोप लगाए और उनके खिलाफ संदेह व्यक्त किया। जियोर्जंता ने इन आरोपों को "घृणित झूठ" बताया और खंडन किया। इस टकराव ने संसदीय माहौल को गरमा दिया और दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया। बैठक में इस मुद्दे पर लंबी चर्चा हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया। यह घटना राजनीतिक विश्लेषकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। माना जा रहा है कि इस टकराव का असर भविष्य में संसद की कार्यवाही पर पड़ सकता है।
