बाहरी तापमान 25 डिग्री सेल्सियस होने के बावजूद, कई बार 35 डिग्री सेल्सियस से ज़्यादा गर्मी महसूस होती है। यह अंतर नमी, हवा और सूर्य की किरणों के कारण होता है। उच्च आर्द्रता हवा में मौजूद नमी की मात्रा बढ़ा देती है, जिससे शरीर को पसीना वाष्पित करने में मुश्किल होती है और गर्मी ज़्यादा महसूस होती है। हवा की गति कम होने पर शरीर से गर्मी का निष्कासन धीमा हो जाता है, जिससे भी गर्मी की अनुभूति बढ़ जाती है। सीधी धूप शरीर को सीधे गर्म करती है, जिससे तापमान और भी ज़्यादा महसूस होता है। इसलिए, वास्तविक तापमान के अलावा, ये कारक भी हमारी गर्मी की अनुभूति को प्रभावित करते हैं। यह समझना महत्वपूर्ण है कि शरीर तापमान को महसूस करने के तरीके को प्रभावित करने वाले इन कारकों को ध्यान में रखकर गर्मी से बचाव किया जा सकता है।