देश में भीषण गर्मी के कारण कार्यस्थलों पर काम करना मुश्किल हो रहा है। न केवल बाहरी श्रमिकों को, बल्कि कार्यालयों और परिवहन क्षेत्र में काम करने वालों को भी परेशानी हो रही है। कई कर्मचारी इस बात से अनजान हैं कि कानूनन कार्यस्थलों पर अधिकतम तापमान की सीमा निर्धारित है। नियोक्ता को इन सीमाओं का पालन करना होता है और यदि तापमान इनसे अधिक हो तो कर्मचारियों को उचित मुआवजा देना होता है। यह कानून कर्मचारियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाया गया है। गर्मी की लहर के दौरान, नियोक्ताओं को कर्मचारियों के लिए उचित उपाय करने चाहिए, जैसे कि ब्रेक देना या काम के घंटे कम करना। कर्मचारियों को भी अपने अधिकारों के बारे में जागरूक रहने की आवश्यकता है।
