जापान और क्रोएशिया के बीच विश्व कप मैच में एक विवादास्पद गोल निर्णय पर अटक गया। जापानी टीम ने गोल करने का दावा किया, लेकिन रेफरी ने गोल को मान्यता नहीं दी। यह निर्णय मिलीमीटरों के अंतर पर आधारित था, जिससे विवाद उत्पन्न हो गया। चार साल पहले, इसी तरह की स्थिति में जापान को एक गोल मिला था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय वीडियो सहायक रेफरी (VAR) समीक्षा के बाद लिया गया था। यह घटना विश्व कप में तकनीकी फैसलों की सटीकता पर बहस को फिर से जन्म दे सकती है। जापानी टीम इस निर्णय से निराश है, लेकिन उन्होंने खेल जारी रखा।