दुबई में किए गए ‘POSEIDON’ अध्ययन से पता चला है कि हृदय रोग से पीड़ित आधे से अधिक मरीज़ों में हृदय संबंधी सूजन देखी गई है। यह अध्ययन वास्तविक दुनिया के आंकड़ों पर आधारित है और हृदय विफलता (heart failure) और क्रोनिक किडनी रोग (chronic kidney disease - CKD) से जूझ रहे मरीज़ों पर केंद्रित है। अध्ययन में पाया गया कि इन मरीज़ों में हृदय संबंधी सूजन का स्तर सामान्य से अधिक होता है, जो हृदय रोग के खतरे को बढ़ा सकता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह सूजन हृदय रोग की गंभीरता और बढ़ने की गति को प्रभावित कर सकती है। इस खोज से हृदय रोग और किडनी रोग के मरीज़ों के इलाज के नए तरीकों को विकसित करने में मदद मिल सकती है। आगे के शोध से सूजन को कम करने और मरीज़ों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के तरीकों का पता लगाया जा सकता है। यह अध्ययन हृदय स्वास्थ्य और किडनी रोग के बीच संबंध को समझने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
