स्वास्थ्य क्षेत्र के कर्मचारियों ने बेहतर कार्य परिस्थितियों और वेतन में वृद्धि की मांग को लेकर हड़ताल शुरू कर दी है। यूनियनों का दावा है कि इस हड़ताल में 60 से 85 प्रतिशत कर्मचारी शामिल हैं, दक्षिणी क्षेत्रों में यह आंकड़ा 80 प्रतिशत तक पहुँच गया है। हड़ताल के कारण अस्पतालों में ऑपरेशन थियेटर जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं में न्यूनतम स्तर की सेवाएं ही उपलब्ध हैं। कर्मचारी अपने पेशेवर जीवन में सम्मान और बेहतर माहौल की मांग कर रहे हैं। यूनियनों और सरकार के बीच बातचीत की प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। हड़ताल से मरीजों को परेशानी हो रही है और स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच जल्द ही समझौते की उम्मीद है ताकि सामान्य स्थिति बहाल की जा सके।
