सेक्शन27 की कार्यकारी निदेशक, साशा स्टीवेंसन, प्रवासियों को स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए अथक प्रयास कर रही हैं, खासकर उन स्थितियों में जब सरकारी सुविधाएं उन्हें सहायता देने से इनकार कर देती हैं। हाल ही में, कुछ निगरानी समूहों ने क्लीनिकों में प्रवासियों के इलाज का विरोध करना शुरू कर दिया है, जिसके बाद स्टीवेंसन ने कानूनी कार्रवाई का सहारा लिया है। उनका तर्क है कि कानून स्पष्ट है और सभी को, चाहे उनकी राष्ट्रीयता कुछ भी हो, स्वास्थ्य सेवा का अधिकार है। यह मामला प्रवासियों के अधिकारों और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की भूमिका पर महत्वपूर्ण सवाल उठाता है। स्टीवेंसन का मानना है कि स्वास्थ्य सेवा एक बुनियादी मानवाधिकार है और इसे किसी भी परिस्थिति में वंचित नहीं किया जाना चाहिए। इस लड़ाई में, वह प्रवासियों के स्वास्थ्य अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं और निगरानी समूहों के विरोध का सामना करने के लिए तैयार हैं। यह घटना दक्षिण अफ्रीका में प्रवासियों के प्रति बढ़ती शत्रुता और भेदभाव को भी उजागर करती है।