स्वास्थ्य मंत्रालय ने डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली शुल्क का बचाव किया है, और यह दावा किया है कि सार्वजनिक धन का अवैध रूप से निजी कंपनी को हस्तांतरण नहीं हो रहा है। मंत्रालय का कहना है कि यह शुल्क कानूनी है, इसकी एक सीमा है, और यह केवल डिजिटल स्वास्थ्य एजेंसी को देय है। यह बयान मंगलवार को जारी किया गया था, और एक रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया थी जिसमें शुल्क को लेकर सवाल उठाए गए थे। मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि शुल्क का उपयोग डिजिटल स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को बनाए रखने और बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा। सरकार ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने और यह स्पष्ट करने के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने की पेशकश की है कि शुल्क का उपयोग कैसे किया जा रहा है। इस प्रणाली का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और कुशल बनाना है। मंत्रालय का यह कदम शुल्क को लेकर उठ रहे विवादों को शांत करने का प्रयास है।