कुआलालंपुर में सामान्य चिकित्सकों (जीपी) ने श्वसन संबंधी शिकायतों वाले अधिक रोगियों को देखना शुरू कर दिया है। निजी अस्पतालों का कहना है कि फिलहाल वे धुंध की स्थिति से निपट रहे हैं। डॉक्टरों को इस धुंध के दीर्घकालिक स्वास्थ्य प्रभावों को लेकर चिंता है। मरीज़ों में साँस लेने की समस्याएँ बढ़ रही हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ सकता है। फिलहाल, निजी अस्पताल स्थिति को संभालने में सक्षम हैं, लेकिन स्थिति बिगड़ने पर यह चुनौतीपूर्ण हो सकता है। विशेषज्ञ लोगों को सावधानी बरतने और धुंध के संपर्क में आने से बचने की सलाह दे रहे हैं। यह स्थिति कुआलालंपुर के निवासियों के स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है।

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