ब्रिगेडियर कैम्पबेल न्युस्वा ने मदलंगा आयोग के समक्ष गवाही दी कि मेजर-जनरल लेसेटजा सेनाना को हॉक्स के पोर्ट शेपस्टोन कार्यालय में सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बारे में पहले से ही जानकारी थी। यह खुलासा एक महत्वपूर्ण कोकीन चोरी की घटना से पहले हुआ था। न्युस्वा के अनुसार, सेनाना को कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था में कमज़ोरियों का पता था। आयोग इस बात की जांच कर रहा है कि क्या इस जानकारी के बावजूद पर्याप्त कदम उठाए गए थे। इस गवाही से मामले में नए सवाल खड़े हो गए हैं और जांच के दायरे का विस्तार हो सकता है। सेनाना पर अब सुरक्षा चूक को नज़रअंदाज़ करने का आरोप लग सकता है। आगे की जांच से इस मामले में और अधिक जानकारी मिलने की उम्मीद है।