हवाई में हो रहे प्राथमिक चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर इजराइल को लेकर चल रहे मतभेदों को एक और चुनौती मिल रही है। युवा उम्मीदवार जारेट केओहोकलोले ने जेरूसलम को दी जा रही सैन्य सहायता को सीमित करने की मांग की है, जो अनुभवी सांसद एड केस को चुनौती दे रहे हैं। यह चुनाव ऐसे समय में हो रहा है जब इजराइल के प्रति आलोचनात्मक रुख रखने वाले उम्मीदवारों की श्रृंखला में जीत हासिल हुई है। यह घटनाक्रम पार्टी के भीतर इजराइल नीति पर बढ़ते विभाजन को दर्शाता है। केओहोकलोले का दृष्टिकोण, डेमोक्रेटिक मतदाताओं के बीच बदलते विचारों का संकेत देता है। इस चुनाव परिणाम से पार्टी की भविष्य की दिशा और विदेश नीति पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इजराइल पर पार्टी की परंपरागत नीति में बदलाव की लहर चल रही है।