हासन राजा, जिनका जन्म १८५४ में सुनामगंज में हुआ था, का १९२२ में निधन हो गया। वे एक प्रसिद्ध संगीतकार और विचारक थे। उनकी रचनाएँ, विशेष रूप से उनके गीत, बांग्ला संगीत और संस्कृति में एक महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। हासन राजा के गीत मानवीय भावनाओं, प्रेम और आध्यात्मिक खोज को दर्शाते हैं। उनकी रचनाओं में लोकगीत और शास्त्रीय संगीत का मिश्रण मिलता है। उनकी विरासत आज भी जीवित है और उनकी धुनें और शब्द संगीत जगत को प्रकाशित कर रही हैं। हासन राजा की रचनाएँ पीढ़ी दर पीढ़ी लोगों को प्रेरित करती रहेंगी।