हार्वर्ड विश्वविद्यालय को अपने पूर्व मोर्ग के प्रबंधक द्वारा मानव अवशेषों की चोरी और बिक्री के मामले में 53 मिलियन डॉलर का जुर्माना देना होगा। अनुसंधान के लिए दान किए गए शवों के अंगों को यह प्रबंधक चुपचाप बेच रहा था। इस घोर कदाचार के उजागर होने के बाद विश्वविद्यालय ने क्षतिपूर्ति का भुगतान करने के लिए सहमति व्यक्त की है। यह मामला मानव शरीर के सम्मान और नैतिक अनुसंधान आचरण से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करता है। विश्वविद्यालय ने इस घटना पर गहरा खेद व्यक्त किया है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त उपाय करने का वादा किया है। जुर्माने की राशि पीड़ितों के परिवारों को दी जाएगी। यह घटना हार्वर्ड के इतिहास में एक काला धब्बा है।