यौन उत्पीड़न के खिलाफ बने न्यायाधिकरण में उम्मीद से कम मामले आ रहे हैं। उप-मंत्री के अनुसार, इसका मुख्य कारण पीड़ितों का आगे आने से डरना है। कई पीड़ित अभी भी अपनी पहचान उजागर होने के डर से शिकायत दर्ज कराने में संकोच कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, कुछ लोगों को यह जानकारी नहीं है कि वे ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं। सरकार पीड़ितों को प्रोत्साहित करने और जागरूकता बढ़ाने के लिए कदम उठा रही है। ऑनलाइन शिकायत प्रक्रिया को सरल बनाने और गोपनीय रखने पर भी जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि अधिक जागरूकता और सुरक्षा उपायों से पीड़ितों की संख्या में वृद्धि होगी। न्यायाधिकरण का उद्देश्य कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
