अलेजांद्रो ओरोपेज़ा जी द्वारा लिखित एक कविता, "हallelujah" शीर्षक से, दर्द और आशा के बीच की भावनाओं को व्यक्त करती है। कविता में पंद्रह चीखें हैं जो एक धड़कते हुए धरती से प्रार्थना करती हैं। इसमें एक प्यारी स्मृति की मुस्कान और झूठे प्यार के धोखे का भी वर्णन है। एक बच्ची सवाल पूछती है, और लोग एक साथ आते हैं। कविता का समापन "हallelujah" के साथ होता है, जो दुःख के बावजूद आशा की भावना का प्रतीक है। यह कविता, जिसका अंश लुइस... द्वारा लिखा गया है, TalCual पर प्रकाशित हुई है और मानवीय अनुभव की जटिलताओं को दर्शाती है। यह जीवन के विरोधाभासों को उजागर करती है - दर्द और खुशी, झूठ और सच्चाई, और अकेलेपन और समुदाय का मिश्रण।