हैती की फुटबॉल टीम ने 1974 के बाद पहली बार विश्व कप में भाग लिया और स्कॉटलैंड के खिलाफ 0-1 से हारने के बावजूद अच्छा प्रदर्शन किया। कोच सेबेस्टियन मिग्ने ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने स्कॉटलैंड से बेहतर फुटबॉल खेला। हालांकि वे जीतने में सफल नहीं हो पाए, लेकिन उन्होंने कई बार अपने यूरोपीय प्रतिद्वंद्वी को चुनौती दी। मिग्ने ने खिलाड़ियों के अच्छे खेल के लिए गर्व व्यक्त किया। यह मैच हैती के लिए एक महत्वपूर्ण अनुभव रहा, जो भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित कर सकता है। टीम ने हार के बावजूद अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया और प्रशंसकों को प्रभावित किया। कोच का मानना है कि टीम में सुधार की काफी गुंजाइश है।