प्रसिद्ध तंत्रिका विज्ञानी एस्टानिस्लाओ बाख्राच के अनुसार, शरीर में ही सबसे प्रभावी दर्द निवारक मौजूद हैं। उन्होंने व्यक्तिगत पूर्णता प्राप्त करने में अंतर्ज्ञान और शरीर की भूमिका पर जोर दिया। बाख्राच ने मस्तिष्क की संरचना को बदलने और मानसिक परेशानी को कम करने के लिए तकनीकों का वर्णन किया। उनका शोध दर्शाता है कि दवाइयों पर निर्भरता कम करके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने आंतरिक संसाधनों को पहचानने और उनका उपयोग करने के महत्व पर प्रकाश डाला। बाख्राच का मानना है कि शरीर की स्वाभाविक क्षमताएं मानसिक कल्याण के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह अध्ययन तंत्रिका विज्ञान और समग्र स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान है।
