नीदरलैंड के शोधकर्ताओं ने एक अध्ययन में पाया है कि अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त वयस्कों में, जिन्होंने *अक्केर्मन्सिया म्यूसिनीफिला* (Akkermansia muciniphila) नामक जीवाणु का सेवन किया, उन लोगों की तुलना में छह महीने में कम वजन बढ़ा, जिन्हें प्लेसीबो दिया गया था। यह जीवाणु आंत में पाया जाता है और वजन घटाने के बाद वजन को स्थिर रखने में सहायक हो सकता है। अध्ययन में इस्तेमाल किया गया जीवाणु पेस्टurized (पाश्चराइज्ड) रूप में था। शोधकर्ताओं का मानना है कि यह जीवाणु आंत के स्वास्थ्य को बेहतर बनाकर और चयापचय को नियंत्रित करके वजन बढ़ने से रोकने में मदद कर सकता है। यह खोज मोटापे के उपचार और प्रबंधन के लिए नए रास्ते खोल सकती है। आगे के शोध से इस जीवाणु की प्रभावशीलता और सुरक्षा को समझने में मदद मिलेगी।
