नोबेल पुरस्कार विजेता तंज़ानियाई लेखक अब्दुलराजक गुरनाह का नवीनतम उपन्यास “लेस वीज़ द’अप्रे” अब पॉकेट संस्करण में उपलब्ध है। यह उपन्यास जर्मन उपनिवेशवाद के दौरान तंज़ानिया में स्थापित है और युद्ध के विनाश के बीच जीवित रहने की मार्मिक कहानी कहता है। दो साल पहले फ्रेंच में प्रकाशित, यह कृति पाठकों को एक बार फिर से इस हृदयविदारक कहानी से जुड़ने का अवसर प्रदान करती है। उपन्यास युद्ध के समय में प्रेम और मानवीय अस्तित्व के संघर्ष को दर्शाता है। गुरनाह की लेखन शैली पाठकों को उस युग की परिस्थितियों और पात्रों की भावनाओं से जोड़ती है। यह पुस्तक साहित्य प्रेमियों और इतिहास में रुचि रखने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण रचना है। यह कहानी युद्ध की पृष्ठभूमि में जीवन की जटिलताओं और मानव भावना की शक्ति को उजागर करती है।