आज शाम, गुरु गोर के आध्यात्मिक नेता सैन्य जेल पहुंचे ताकि एक धार्मिक व्यक्ति से मुलाकात कर सकें जो सेना से भागने के आरोप में हिरासत में है। उनके साथ हजारों अनुयायी आए थे। सेना ने जेल में संभावित घुसपैठ की आशंका के चलते सुरक्षा बलों को तैनात किया था। यह दौरा एक ऐसे समय में हुआ है जब सेना में धार्मिक स्वतंत्रता और सेवा को लेकर बहस जारी है। गुरु गोर के अनुयायियों ने अपने नेता के साथ जेल तक मार्च किया, जिससे क्षेत्र में भारी भीड़ जमा हो गई। सेना ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त उपाय किए। इस घटना ने धार्मिक समुदायों और सैन्य संस्थानों के बीच संबंधों पर ध्यान केंद्रित किया है। यह दौरा एक प्रतीकात्मक प्रदर्शन माना जा रहा है, जो धार्मिक अधिकारों के समर्थन और हिरासत में रखे गए व्यक्ति के प्रति एकजुटता व्यक्त करता है।
