खाड़ी देशों और अमेरिका के बीच दशकों पुरानी सुरक्षा साझेदारी कमजोर पड़ रही है, जिससे चीन के लिए इस क्षेत्र में अपनी पैठ बढ़ाने का अवसर पैदा हो गया है। सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों ने लंबे समय से अपनी रक्षा के लिए वाशिंगटन पर भरोसा किया, जबकि अमेरिका को उनसे ऊर्जा और प्रभाव मिला। हालांकि, रियाद ने तुर्की और पाकिस्तान के साथ एक आपसी रक्षा समझौता किया है, जो इस बदलाव का स्पष्ट संकेत है। यह समझौता मक्का में इस सप्ताह हस्ताक्षरित किया गया था। विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम खाड़ी देशों द्वारा अमेरिकी सुरक्षा पर अपनी निर्भरता कम करने और क्षेत्रीय संबंधों में विविधता लाने की कोशिश को दर्शाता है। चीन इस स्थिति का लाभ उठाने के लिए तैयार है और धीरे-धीरे इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति बढ़ा रहा है। इससे क्षेत्रीय भू-राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव आने की संभावना है।

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