ईरान और अमेरिका के बीच संभावित समझौते से खाड़ी देशों को अपनी सुरक्षा व्यवस्था का पुनर्मूल्यांकन करने का अवसर मिल सकता है। वर्तमान में, खाड़ी देश अमेरिका पर अपनी सुरक्षा के लिए काफी हद तक निर्भर हैं। समझौते के बाद, उन्हें अपनी सुरक्षा आवश्यकताओं को फिर से परिभाषित करने और क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की आवश्यकता होगी। विशेषज्ञ मानते हैं कि खाड़ी देश आपसी सहयोग बढ़ा सकते हैं और अपनी रक्षा क्षमताओं को विकसित कर सकते हैं। यह पुनर्मूल्यांकन क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण होगा। इस समझौते का खाड़ी देशों की विदेश नीति और क्षेत्रीय गठबंधनों पर भी प्रभाव पड़ सकता है। भविष्य में, खाड़ी देश ईरान के साथ संबंधों को सामान्य करने की दिशा में भी कदम उठा सकते हैं।