कतर में आयोजित फीफा विश्व कप में सऊदी अरब, इराक, ईरान और कतर सहित चार खाड़ी देशों ने भाग लिया, लेकिन वे सभी ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ पाए। खेल के लिहाज़ से यह निराशाजनक रहा, लेकिन इस घटना को कूटनीतिक दृष्टिकोण से भी देखा जा रहा है। अमेरिकी प्रशासन द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बावजूद ईरानी टीम ने अमेरिकी धरती पर अच्छा प्रदर्शन किया, जो एक महत्वपूर्ण प्रतीकात्मक संदेश है। यह परिणाम पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप प्रशासन की नीतियों के लिए एक तरह की कूटनीतिक असफलता के रूप में देखा जा रहा है। विश्व कप ने फुटबॉल के मानचित्र को तो बदला ही है, साथ ही इसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भी एक नया आयाम जोड़ा है। ईरान का प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय है क्योंकि यह अमेरिका के साथ तनावपूर्ण संबंधों के बीच आया है। इस विश्व कप ने खाड़ी क्षेत्र के देशों की फुटबॉल क्षमता को उजागर किया, भले ही वे अपेक्षित सफलता प्राप्त न कर पाए हों।
