ऊर्जा विशेषज्ञ दुमित्रु चिसालिटा के अनुसार, आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में तत्काल वृद्धि की संभावना नहीं है। हालांकि, यदि खाड़ी क्षेत्र में तनाव जारी रहता है या बढ़ता है, तो स्थिति दो सप्ताह के भीतर बदल सकती है। चिसालिटा ने चेतावनी दी है कि इस परिदृश्य में, डीजल की कीमतें 10 लेई प्रति लीटर के मनोवैज्ञानिक स्तर पर वापस आ सकती हैं, और पेट्रोल की कीमतें 9.1-9.2 लेई प्रति लीटर तक पहुंच सकती हैं। इससे मुद्रास्फीति और सभी वस्तुओं और सेवाओं की लागत पर सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने 'डिजी24' को बताया कि भू-राजनीतिक तनाव से ऊर्जा बाजार अस्थिर हो सकते हैं। इस वजह से उपभोक्ता आने वाले समय में कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। विशेषज्ञ ने स्थिति पर बारीकी से नजर रखने की सलाह दी है।