ग्वाटेमाला में जनवरी से मई के बीच पेट्रोलियम उत्पादों के आयात की लागत दो अंकों में बढ़ी है, जिससे देश में कोई बचत नहीं हुई है। इस अवधि के दौरान इन उत्पादों की औसत कीमत में 20% की वृद्धि हुई है। तेल की कीमतों में यह वृद्धि ग्वाटेमाला के लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। बढ़ती लागत के कारण उपभोक्ताओं को तेल के बिलों में 29.5% की वृद्धि का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति देश की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है। सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए कदम उठा रही है, लेकिन अभी तक कोई महत्वपूर्ण सुधार नहीं दिख रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में भी तेल की कीमतों में वृद्धि जारी रह सकती है।