सरकार शुक्रवार, २४ जुलाई को ईंधन सब्सिडी का एक नया प्रस्ताव प्रस्तुत करेगी। यह प्रस्ताव ऊर्जा और खनिजों, वित्त, अर्थव्यवस्था मंत्रालयों और कर प्रशासन अधीक्षक (SAT) के तकनीकी विशेषज्ञों के एक समूह द्वारा तैयार किया गया है। अब तक की जानकारी के अनुसार, यह एक लक्षित या खंडित सब्सिडी पहल होगी। इसका मतलब है कि सब्सिडी सभी के लिए समान नहीं होगी, बल्कि कुछ विशिष्ट समूहों या क्षेत्रों को ध्यान में रखकर दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य सबसे अधिक जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाना है। प्रस्ताव का उद्देश्य ईंधन की बढ़ती कीमतों के प्रभाव को कम करना भी है। उम्मीद है कि यह नई योजना अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव डालेगी।