2019 में, गरीबी और हिंसा से बचने के लिए एक दंपत्ति ने ग्वाटेमाला छोड़ दिया और अमेरिका चले गए। पहले पति अकेले मैक्सिको से अवैध रूप से सीमा पार कर गए, और कुछ महीनों बाद पत्नी अपनी बेटी मारिसोल के साथ उनका पीछा करने लगी। वे अमेरिका में निर्वासन के डर से जी रहे थे। दुखद रूप से, उनकी ये आशंका सच साबित हुई और उनकी ग्वाटेमाला में हत्या कर दी गई। यह मामला प्रवासी संकट और सुरक्षा की तलाश में लोगों द्वारा उठाए जाने वाले जोखिमों पर प्रकाश डालता है। यह घटना अमेरिका में अप्रवासियों की कठिन परिस्थितियों और उनके मूल देशों में खतरों को दर्शाती है। उनकी मौत एक भयावह त्रासदी है, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।