डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन में जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग के खिलाफ आज अदालत में मुकदमा शुरू हुआ। थनबर्ग स्वयं अदालत में मौजूद हैं। यह मामला सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने से संबंधित है, क्योंकि उन्होंने हाल ही में तेल प्रदर्शन में भाग लिया था। प्रदर्शन के दौरान, उन्होंने और अन्य कार्यकर्ताओं ने एक तेल पाइपलाइन को अवरुद्ध कर दिया था। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि उनके कार्यों से यातायात बाधित हुआ और सार्वजनिक शांति भंग हुई। थनबर्ग ने आरोपों को स्वीकार किया है, लेकिन उनका कहना है कि जलवायु परिवर्तन के खतरे को देखते हुए उनका विरोध आवश्यक था। इस मुकदमे को जलवायु कार्यकर्ताओं के अधिकारों और नागरिक अवज्ञा की सीमाओं पर बहस के रूप में देखा जा रहा है।