ग्रीनपीस ने प्रशांत महासागर में गहरे समुद्र में खनन के विरोध में न्यूजीलैंड सरकार के स्वामित्व वाले अनुसंधान पोत पर सवार होने के अपने फैसले पर कोई पछतावा व्यक्त नहीं किया है। यह विरोध, टैंगाओआ नामक पोत पर केंद्रित है, जो इस क्षेत्र में समुद्री खनन गतिविधियों से जुड़ी चिंताओं को दर्शाता है। ग्रीनपीस का कहना है कि वे इस मुद्दे पर अपना विरोध तेज करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। संगठन का मानना ​​है कि गहरे समुद्र में खनन से प्रशांत महासागर के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र को गंभीर खतरा होगा। यह विरोध ‘पोस्ट कुरियर’ में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, न्यूजीलैंड में (Aotearoa) इस लड़ाई के बढ़ने का संकेत देता है। ग्रीनपीस ने स्पष्ट किया है कि वे समुद्री पर्यावरण की रक्षा के लिए अपनी सक्रियता जारी रखेंगे। यह घटना प्रशांत क्षेत्र में समुद्री संसाधनों के शोषण को लेकर चल रही बहस को और बढ़ाती है।