१ अक्टूबर से, १ जनवरी से शुरू होने वाले जेट ईंधन पर एक हरित कर लागू होगा, जो उन टिकटों पर लगेगा जो १ अक्टूबर से खरीदे जाएंगे। यह कर विमान के तत्काल गंतव्य के आधार पर लगाया जाएगा, खासकर उन उड़ानों के लिए जिनमें कई पड़ाव शामिल हैं। सरकार ने हवाई मालभाड़े पर लगने वाले कर को एक वर्ष के लिए स्थगित कर दिया है। इस फैसले का उद्देश्य विमानन क्षेत्र में पर्यावरण अनुकूल प्रथाओं को बढ़ावा देना है। यह कर हवाई यात्रा को थोड़ा महंगा कर सकता है, लेकिन पर्यावरण संरक्षण में योगदान देगा। इस पहल से विमानन उद्योग पर कार्बन उत्सर्जन को कम करने का दबाव बढ़ेगा। उम्मीद है कि इससे स्वच्छ ऊर्जा विकल्पों को अपनाने में मदद मिलेगी।