ज्यूरिख डायमंड लीग में इतिहास बन गया, जहाँ एमानोइल कैरलिस ने मोंडो डुप्लेंटिस को पहली सच्ची चुनौती दी। यह पहली बार था जब दोनों एथलीट एक ही प्रतियोगिता में विश्व रिकॉर्ड तोड़ने का प्रयास कर रहे थे। कैरलिस के उदय ने पोल वॉल्ट की दुनिया में एक रोमांचक बदलाव का संकेत दिया है। डुप्लेंटिस, जो लंबे समय से इस खेल पर हावी हैं, अब एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी का सामना कर रहे हैं। इस प्रतियोगिता ने दिखाया कि कैरलिस में डुप्लेंटिस को पछाड़ने की क्षमता है। खेल प्रेमियों को अब इन दोनों दिग्गजों के बीच भविष्य की प्रतियोगिताओं का बेसब्री से इंतजार है। यह घटना पोल वॉल्ट के लिए एक नए युग की शुरुआत हो सकती है।