प्रधानमंत्री ने चुनाव 2027 में होने की घोषणा की है। हालांकि, सत्तारूढ़ दल की हालिया राजनीतिक समिति की बैठक में एक अलग माहौल देखा गया। सूत्रों के अनुसार, बैठक में चुनाव को लेकर कुछ भिन्न मत व्यक्त किए गए थे। इससे यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि पार्टी के भीतर चुनाव की तारीख को लेकर असहमति है। कुछ नेताओं का मानना है कि जल्दी चुनाव कराए जा सकते हैं, जबकि अन्य 2027 तक इंतजार करने के पक्ष में हैं। इस विरोधाभासी स्थिति ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है और भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन पार्टी के भीतर की इस बहस से राजनीतिक माहौल में अनिश्चितता बढ़ गई है।