संसद में स्थानीय स्वशासन से संबंधित विधेयक पर चर्चा के दौरान तीखी बहस होने की उम्मीद है। यह विधेयक स्थानीय सरकारों की शक्तियों और कार्यों से जुड़ा हुआ है। विधेयक में एक विशेष प्रावधान को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच मुख्य रूप से मतभेद हैं। माना जा रहा है कि इस प्रावधान पर ही सबसे अधिक जोर दिया जाएगा और इस पर लंबी चर्चा हो सकती है। विधेयक के पारित होने से देश के स्थानीय शासन ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव आने की संभावना है। सरकार का कहना है कि यह विधेयक स्थानीय निकायों को अधिक स्वायत्तता देगा और विकास को गति प्रदान करेगा। वहीं, विपक्ष का आरोप है कि यह विधेयक स्थानीय सरकारों की स्वतंत्रता को कम करेगा।