यूनानी मंत्री पिएराकाकिस ने फ्रांस में आयोजित एक सम्मेलन में कहा कि यूरोपीय प्रभुत्व को मजबूत करने के लिए मानसिकता और एक समग्र रणनीति में बदलाव की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रौद्योगिकी, भू-राजनीति जितनी ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह बयान 'ले सर्कल डेज इकोनॉमिस्ट्स' नामक थिंक टैंक द्वारा आयोजित सम्मेलन में दिया गया था। पिएराकाकिस, जो राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के मंत्री और यूरोग्रुप के अध्यक्ष भी हैं, ने इस बात पर बल दिया कि यूरोप को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए नवाचार और तकनीकी प्रगति को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यूरोपीय देशों को मिलकर काम करने और एक साझा दृष्टिकोण विकसित करने की आवश्यकता है। यह टिप्पणी यूरोपीय संघ के भीतर बढ़ती भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और तकनीकी परिवर्तन के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। मंत्री का मानना है कि यूरोप को एक मजबूत और स्वतंत्र शक्ति बने रहने के लिए इन दोनों पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करना होगा।