वर्ष 2026 की पहली तिमाही में श्रम बाजार में एक अजीब विरोधाभास देखा गया है। पूर्णकालिक रोज़गार में वृद्धि हुई है, जबकि बेरोज़गारी दर भी बढ़ी है। यह स्थिति आर्थिक विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि आमतौर पर ये दोनों चीजें एक साथ नहीं होती हैं। महिलाओं के लिए यह एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि पूर्णकालिक रोज़गार में वृद्धि का लाभ उन्हें समान रूप से नहीं मिल रहा है। वहीं, अंशकालिक रोज़गार में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस बदलाव के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें तकनीकी प्रगति और उद्योगों की बदलती ज़रूरतें शामिल हैं। सरकार और नीति निर्माताओं को इस स्थिति को समझने और उचित कदम उठाने की आवश्यकता है।