1874 में, ग्रीस के प्रधानमंत्री और चर्च मामलों तथा शिक्षा मंत्री ने संसद में घोषणा की कि देश ट्रॉय की अनमोल धरोहर को स्वीकार नहीं करेगा। यह धरोहर, जिसे प्रियाम का खजाना भी कहा जाता है, जर्मन-अमेरिकी पुरातत्वविद् हेनरिक श्लीमान द्वारा खोजी गई थी। यह खजाना होमर के इलियड में अमर राजा प्रियाम से जुड़ा हुआ है। ग्रीस ने इस ऐतिहासिक खोज को स्वीकार करने से इनकार कर दिया, जो एक आश्चर्यजनक निर्णय था। इस फैसले के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन इसने पुरातत्व जगत में हलचल मचा दी। यह खजाना ट्रॉय शहर की खुदाई के दौरान मिला था और इसमें सोने के आभूषण, बर्तन और अन्य मूल्यवान वस्तुएं शामिल थीं। इस घटना ने कला और इतिहास के संरक्षण के बारे में महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए।
